ब्रेडक्रम्ब

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अंतिम अद्यतन तिथि :06/02/2026
आईओबी घरौंदा 2 0 पीएमएवाई यू 2 0
क्रमांक   योजना की विशेषताएं सुविधाओं का संक्षिप्त विवरण

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उद्देश्य

  • प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) - "सभी के लिए आवास" 1 करोड़ पात्र शहरी परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि शहरी भारत के पात्र नागरिक अपना घर खरीद सकें और बेहतर जीवन स्तर प्राप्त कर सकें।
  • योजना के अनुसार, पात्र ग्राहकों को स्वीकृत 35 लाख रुपये तक की संपत्ति के लिए 25 लाख रुपये तक के आवास ऋण को 01.09.2024 से ब्याज सहायकी योजना (आइएसएस) के अंतर्गत कवर किया जाएगा।

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मिशन और अवधि

  • यह योजना 01.09.2024 से 5 वर्षों के लिए कार्यान्वित की जाएगी ताकि सभी पात्र लाभार्थियों/परिवारों को प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों (पीएलआई अर्थात बैंक/एफआई/एचएफसी) के माध्यम से किफायती लागत पर घर बनाने या खरीदने के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान की जा सके।
  • ब्याज सहायकी योजना 01.09.2024 से स्वीकृत सभी आवास ऋणों पर उन उधारकर्ताओं के लिए लागू होगी जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं।

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कवरेज

  • जनगणना 2011 के अनुसार सभी वैधानिक शहर और बाद में अधिसूचित शहर तथा अधिसूचित योजना क्षेत्रों की सीमा के भीतर आने वाले क्षेत्र, औद्योगिक विकास प्राधिकरण / विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण / शहरी विकास प्राधिकरण या राज्य विधान के तहत ऐसे किसी प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र के तहत अधिसूचित योजना / विकास क्षेत्र जिसे शहरी नियोजन और विनियमन के कार्य सौंपे गए हैं, को योजना के अंतर्गत कवरेज के लिए शामिल किया जाएगा।
  • जिन शहरों/कस्बों और क्षेत्रों में पीएमएवाई-यू लागू की जा रही है, उन्हें पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत कवर किया जाता रहेगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संपत्तियां इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।

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उद्देश्य

  • ईडब्ल्यूएस/एलआइजी और एमआइजी श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को मकान खरीदने/निर्माण के लिए आवास ऋण स्वीकृत करने हेतु

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लाभार्थी

  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के व्यक्ति/व्यक्तियों जिनकी वार्षिक घरेलू आय 3.00 लाख रुपये तक है
  • निम्न आय वर्ग (एलआइजी) के व्यक्ति/व्यक्तियों जिनकी वार्षिक घरेलू आय 3.00 लाख रुपये से अधिक और 6.00 लाख रुपये तक है
  • मध्यम आय वर्ग (एमआइजी) के व्यक्ति/व्यक्तियों जिनकी वार्षिक घरेलू आय 6.00 लाख रुपये से अधिक और 9.00 लाख रुपये तक है

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पात्रता

  • लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित पुत्र और/या अविवाहित पुत्रियां शामिल होंगी
  • शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ईडब्ल्यूएस/एलआइजी/एमआइजी वर्ग के परिवारों के पास भारत के किसी भी हिस्से में अपने या अपने परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर कोई पक्का मकान (सभी मौसम के अनुकूल आवास इकाई) नहीं होना चाहिए ।
  • योजना के अंतर्गत केंद्रीय सहायता से निर्मित/अधिग्रहित/खरीदे गए मकान परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या परिवार के पुरुष मुखिया और उनकी पत्नी के संयुक्त नाम पर होने चाहिए। केवल उन्हीं मामलों में, जहाँ परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य न हो, मकान परिवार के पुरुष सदस्य के नाम पर हो सकता है। ऐसे मामलों में जहाँ आवेदक विधुर, अविवाहित, अलग रह रहा व्यक्ति या ट्रांसजेंडर है, मकान व्यक्ति के नाम पर हो सकता है । लाभार्थी(यों) की मृत्यु होने पर, लाभार्थी के कानूनी उत्तराधिकारी को योजना के अंतर्गत लाभ मिलेगा।
  • आवेदक यदि वे अन्यथा पात्रता मानदंडों का अनुपालन करते हैं तो उन्हें पीएमएवाई-यू 2.0 का लाभ उठाने में सक्षम बनाने के लिए, मिशन अवधि के दौरान अधिग्रहित/खरीदे गए घर के पंजीकृत स्वामित्व विलेख/बिक्री विलेख में परिवार की महिला सदस्य का नाम शामिल करने की भी अनुमति दी जाएगी ।
  • यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि यदि किसी पात्र लाभार्थी के माता-पिता को पिछली आवास योजनाओं के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है, तो उस पर तभी विचार किया जाएगा, जब अन्य पात्र परिवारों/लाभार्थियों, जिनके माता-पिता ने पिछली आवास योजनाओं के तहत कोई लाभ नहीं लिया है, को लाभार्थियों की सूची में शामिल किया जाएगा। ऋण लेने वाले को इस शर्त से अवगत कराने के लिए शाखा को निर्देश दिए गए हैं।

अपवर्जन:

  • इस योजना के तहत सहायकी किसी संपत्ति के लिए केवल एक बार ही दी जाएगी। अगर संपत्ति किसी और को बेच दी जाती है, तो खरीदार उस संपत्ति पर ब्याज सहायकी योजना (आइएसएस) का लाभ नहीं ले पाएगा।
  • यदि परिवार के दो या अधिक सदस्य एक ही संपत्ति पर संयुक्त या अलग-अलग ऋण लेते हैं, तो पारिवारिक आय और लाभ की गणना के लिए उन्हें एक ही परिवार माना जाएगा
  • इस वर्टिकल के अंतर्गत केवल रुपये 25 लाख तक के ऋण, जिसमें मकान का मूल्य रुपये 35 लाख तक हो, सहायकी के लिए पात्र होंगे। यदि ऋण स्वीकृति के लिए बैंक द्वारा निर्धारित पारिवारिक आय या संपत्ति का मूल्य पात्रता सीमा से अधिक है, तो ऋण सहायकी के लिए पात्र नहीं होगा।
  • यदि उधारकर्ता या उसके परिवार के सदस्य ने पिछले 20 वर्षों में भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त किया है, तो उधारकर्ता इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होगा।
  • यदि किसी लाभार्थी द्वारा आय के स्तर के बारे में गलत घोषणा की जाती है, जिसने पहले ही योजना का लाभ उठा लिया है, तो उसके विरुद्ध लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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स्व-सत्यापित प्रमाणपत्र / शपथ पत्र

  • योजना के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस/एलआइजी/एमआइजी लाभार्थी के रूप में पहचान के लिए, व्यक्तिगत ऋण आवेदक को घरेलू आय के प्रमाण के रूप में स्व-प्रमाणपत्र/शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।

8

लाभार्थी परिवार

  • लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित पुत्र और/या अविवाहित पुत्रियां शामिल होंगी

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आयु सीमा

  • न्यूनतम प्रवेश आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम प्रवेश आयु: 60 वर्ष
  • निकास आयु: 70 वर्ष (सबसे कम आय वाले सदस्य के आधार पर)

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अधिमान्य लाभार्थी

  • इस योजना के अंतर्गत विधवाओं, एकल महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडरों, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों, अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य कमजोर एवं असुरक्षित वर्गों के व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों, झुग्गी-झोपड़ियों/चॉलों के निवासियों और पीएमएवाई-यू 2.0 के प्रभावी होने के दौरान चिन्हित अन्य समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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पहचान दस्तावेज

  • बैंक दोहराव से बचने के लिए लाभार्थी की पहचान को आधार/आधार वर्चुअल आइडी से जोड़ेगा

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अधिकतम ऋण राशि और घर का कुल मूल्य

  • आवास ऋण: 25 लाख रुपये

पीएमएवाई 2.0 की ब्याज सहायकी योजना के अंतर्गत केवल रुपये 25 लाख तक के ऋण ही कवर किए जाएंगे)

  • गृह संपत्ति का अधिकतम मूल्य: रुपये 35 लाख

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ब्याज दरें

सिबिल स्कोर वेतनभोगी गैर वेतनभोगी

सीआइसी-1 (>=800)

आरएलएलआर - 0.95

आरएलएलआर - 0.85

सीआइसी-2 (775 से 799)

आरएलएलआर - 0.95

आरएलएलआर - 0.85

सीआइसी-3 (750 से 774)

आरएलएलआर - 0.85

आरएलएलआर - 0.75

सीआइसी-4 (725 से 749) और एनटीसी

आरएलएलआर - 0.75

आरएलएलआर - 0.65

सीआइसी-5 (700 से 724)

आरएलएलआर - 0.75

आरएलएलआर - 0.65

सीआइसी-6 (680 से 699)

आरएलएलआर - 0.45

आरएलएलआर - 0.35

आरएलएलआर: वर्तमान में 8.85%.

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अंतर

  • 10% (आरबीआइ एलटीवी मानदंडों के अनुसार)

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निवल वेतन मानदंड

  • आवेदक की आयु और चुकौती क्षमता को ध्यान में रखते हुए राशि तय की जानी चाहिए।
  • ईएमआइ आवेदक(ओं) की सकल मासिक आय के 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए
  • आय के लिए पिछले 6 महीनों की वेतन पर्ची और स्व-रोजगार के मामले में पिछले 2 वर्षों की आयकर विवरणी प्राप्त की जानी चाहिए तथा औसत आय के आधार पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

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चुकौती अवधि

  • किस्त के संवितरण की तिथि से अवकाश अवधि या निर्माण पूरा होने की तिथि, जो भी पहले हो, शामिल है।

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अधिस्थगन / अवकाश अवधि

  • तैयार घर/फ्लैट के लिए: कोई अवकाश अवधि नहीं

हालाँकि, यदि इसमें किसी भी छोटी मरम्मत / परिष्करण / फर्निशिंग / पेंट आदि की आवश्यकता होती है तो अधिकतम 3 महीने की अनुमति दी जा सकती है

  • घर के स्व-निर्माण के लिए: अधिकतम 18 महीने
  • ऊंची बहुमंजिला इमारतों और अपार्टमेंट्स के लिए:
परियोजना में मंजिलों की संख्या अधिकतम अनुमेय स्थगन

7 मंजिलों तक

24 माह

7 मंजिलें और <= 14 मंजिलें

30 महीने

14 मंजिलें और <= 21 मंजिलें

36 महीने

21 से अधिक मंजिलें

48 महीने

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प्रसंस्करण और अन्य शुल्क

  • 8 लाख रुपये तक की ऋण राशि के लिए : प्रसंस्करण शुल्क शून्य होगा क्योंकि बैंक को आइएसएस योजना के तहत 4000 रुपये का एकमुश्त प्रसंस्करण शुल्क प्रदान किया जाएगा।
  • 8 लाख रुपये से अधिक की ऋण राशि के लिए: 8 लाख रुपये से अधिक और 25 लाख रुपये तक की ऋण राशि पर प्रसंस्करण शुल्क 0.50% + जीएसटी की दर से वसूल किया जाएगा।
  • ऋण राशि 8 लाख से अधिक होने की स्थिति में दस्तावेज़ीकरण शुल्क भी 8% की दर से लागू होगा।
  • कर्मचारियों के लिए कोई शुल्क नहीं

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सुरक्षा

  • वित्तपोषित की जाने वाली अचल संपत्ति केवल हमारे बैंक के पास ही बंधक रखी जानी चाहिए
  • जहां कहीं भी लागू हो, राज्यों में विधि विभाग द्वारा दी गई सूचना के अनुसार स्वामित्व विलेख जमा करने का पंजीकृत ज्ञापन किया जाना चाहिए।
  • ज्ञापन के पश्चात ईसी प्राप्त किया जाना है ।

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गैर-पात्रता का शेष स्थानांतरण मामला (अधिग्रहण)

  • यदि किसी उधारकर्ता ने एक बैंक/वित्तीय संस्था से आवास ऋण लिया है और बाद में बकाया राशि किसी अन्य बैंक/वित्तीय संस्था में आंतरित हो जाता है, तो ऐसा लाभार्थी पुनः ब्याज सहायकी का लाभ लेने हेतु पात्र नहीं होगा।
  • यदि किसी व्यक्ति ने पहले बैंक/वित्तीय संस्था से ब्याज सहायकी का दावा नहीं किया है, तो वह शेष राशि अंतरण के बाद पात्र नहीं होगा।

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ब्याज सहायकी

  • पाँच वर्ष से अधिक की ऋण अवधि वाले पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 1.80 लाख रुपये की ब्याज सहायकी प्रदान की जाएगी।
  • जिन परिवारों की आय 9 लाख रुपये तक है, तथा 35 लाख रुपये तक की संपत्ति के लिए 25 लाख रुपये तक का ऋण है, वे 12 वर्ष तक की अवधि के लिए पहले 8 लाख रुपये पर 4.0% की दर से सहायकी के लिए पात्र होंगे ।
  • योजना के तहत घर का कार्पेट एरिया 120 वर्ग मीटर तक होगा ।
  • लाभार्थियों को सहायकी 5 समान वार्षिक किश्तों में जारी की जाएगी

व्यापक विशेषताएं और पात्रता मानदंड निम्नानुसार हैं:

(रुपए लाख में)

पैरामीटर ईडब्ल्यूएस / एलआइजी / एमआइजी

वार्षिक घरेलू आय (रु.)

9.00

ब्याज सहायकी (% प्रति वर्ष)

4

अधिकतम आवास ऋण पात्रता (रु.)

25

अधिकतम मकान मूल्य (रु.)

35

अधिकतम कार्पेट एरिया (गृह संपत्ति के लिए दीवारों के भीतर का क्षेत्र) वर्ग मीटर में

120

ब्याज सहायकी का अधिकतम लाभ (रु.) - वास्तविक निर्गम

1.80

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सहायकी प्रबंधन

  • ब्याज सहायकी योजना (आइएसएस) के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, पात्र लाभार्थियों को एकीकृत पीएमएवाई 2.0 वेब- पोर्टल के माध्यम से अपनी मांग दर्ज करनी होगी।
  • आवेदन करते समय आवेदक को 5 बैंकों का चयन करने की अनुमति होगी
  • स्थान के आधार पर बैंक की संबंधित शाखा से टैग किया जाएगा।
  • संबंधित शाखा को सहायकी योजना के अंतर्गत आवास ऋण के लिए आवेदन का चयन करना होगा ।
  • शाखा को आवेदक से संपर्क करना होगा और आवास ऋण की मंजूरी के संबंध में सभी आवश्यक कार्यवाही करनी होगी, जैसा कि पहले की जाती थी ।
  • लॉगिन के अंतर्गत पीएमएवाई 2.0 पोर्टल में इसे अपडेट करना होगा
  • एक बाद स्वीकृति चिन्हित किए जाने पश्चात प्रारंभ में चयनित अन्य 4 बैंकों से लीड हटा दी जाएगी।
  • इसे देखते हुए, शाखा को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे नियमित आधार पर अपने लॉगिन की जांच करें और लीड का चयन करें और उन्हें व्यवसाय में परिवर्तित करें।
  • ऋण को पात्रता मानदंडों के अनुसार सख्ती से स्वीकृत किया जाएगा और इसके बाद , आवेदन को उसकी पात्रता मानदंडों के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित बैंक शाखा को भेज दिया जाएगा।
  • पीएलआइ द्वारा लाभार्थियों को वितरित ऋण के आधार पर, मंत्रालय एकीकृत वेब-पोर्टल का उपयोग करते हुए सीएनए के माध्यम से बैंक को मासिक रूप से एकल क्लिक के माध्यम से सहायकी जारी करेगा।
  • लाभार्थी को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लघु संदेश सेवा (एसएमएस) द्वारा सहायकी क्रेडिट की राशि के बारे में सूचित किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी आइडी विवरण होगा
  • सहायकी लाभार्थी के ऋण खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 5 वार्षिक किस्तों में जारी की जाएगी, बशर्ते सहायकी जारी होने के समय ऋण चालू हो और 50% से अधिक मूलधन बकाया हो ।
  • बैंक द्वारा सहायकी उधारकर्ता की मूल ऋण राशि से कटौती करके उधारकर्ता के खाते में अग्रिम रूप से जमा कर दी जाएगी ।
  • उधारकर्ता को मूल ऋण राशि के शेष भाग पर ऋण दरों के अनुसार ईएमआइ का भुगतान करना होगा

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आवेदन प्रक्रिया

  • आइएसएस वर्टिकल के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, पात्र लाभार्थियों को https://pmay-urban.gov.in पर एकीकृत वेब-पोर्टल के माध्यम से अपनी मांग दर्ज करनी होगी।
  • इसके बाद, आवेदन को उसकी पात्रता मानदंडों के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित बैंक शाखा को भेज दिया जाएगा।

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योजना के दिशानिर्देश

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25

पीएमएवाई 2.0 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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26

उधारकर्ता द्वारा सहायकी आवेदन के लिए उपयोगकर्ता मैनुअल

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27

शहरी विकास प्राधिकरण की सूची

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28

शहरी स्थानीय निकायों की सूची

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